Sunday, 23 August 2015

सुरक्षा भुगतान (Short story in Hindi)

एक  समय की बात हैं। एक राज्य में विदेश से एक व्यापारी आया। उसने राजा से वहाँ अपना व्यापार करने की अनुमति माँगी। राजा ने अनुमति दे दी एवं कहाँ कि उनके मंत्री इस राज्य में व्यापार करने के नियम बता देंगे। व्यापारी ने मंत्री से मुलाक़ात की एवं सभी नियम समझ लिए। उन नियमों के अलावा मंत्री ने उस व्यापारी को यह भी बता दिया था कि उस राज्य में व्यापार करने पर कुछ खास किस्म के कर देने पड़ेंगे, राजकीय अनुमति हेतु कर, उत्पादक गुणवत्ता जांच में पारित होने हेतु कर एवं सरकारी महकमों की अलग अलग किस्म की जांच से सुरक्षा हेतु कर। यह सभी कर अघोषित थे एवं बिना किसी रसीद के देने पड़ते थे। विदेशी व्यापारी ने सभी शर्तें मंज़र कर अपना व्यापार “निशाले” के नाम से शुरू किया। बहुत जल्दी ही उसका व्यापार चल निकला और लोग उसके बनाए उत्पादों को पसंद करने लगे। फिर वह व्यापारी विदेश से ही अपना यहाँ का व्यापार देखने लगा। यहाँ उसने कुछ अधिकारी नियुक्त कर दिये थे, जो उसके व्यापार की देखभाल करते थे। धीरे धीरे “निशाले” के नए नए उत्पाद बाज़ार में आने लगे, और लोगो में इन उत्पादों की प्रसिद्धि इतनी बढ़ गई कि लोग “निशाले” को बाहर का नहीं, बल्कि अपने राज्य का ही उत्पादक मानने लगे। इन सभी उत्पादों में सबसे अधिक प्रचलित “मिगा” था, जो बिना मेहनत के तैयार होने वाले पौष्टिक खाद्य के रूप में बेचा जाता था। असल में वह पौष्टिक नहीं था, पर उन अघोषित करो की वजह से उसे पौष्टिक पदार्थ घोषित कर दिया गया था। इसीलिए, “निशाले” के अधिकारी भी राज्य के घोषित एवं अघोषित नियम मानते हुए शांति से अपना व्यापार कर रहे थे। बाहर विदेश में बैठे व्यापारी को अब अघोषित कर कुछ चुभने से लगे थे। परंतु वह किसी प्रकार की कठिनाई से बचने के लिए लगातार उन करो का भुगतान करता रहता था। वैसे भी उन करो से होने वाली हानि को वह अपने उत्पादों की गुणवत्ता में गिरावट कर के पूरा करता था। उसे सरकारी जाँच का भय नहीं था, क्योंकि उसके लिए भी नियमित रूप से अघोषित कर दिया जा रहा था। 

Saturday, 8 August 2015

कारवाँ – ग्राफिक नॉवेल (हिंदी)

याली ड्रीम्स की अँग्रेजी में प्रकाशित और प्रशंसित ग्राफिक नॉवेल कारवाँ अब हिंदी में उपलब्ध हो गयी है। आजकल के सभी नए कॉमिक्‍स प्रकाशक अपनी किताबें अँग्रेजी में ही प्रकाशित करते है। यह उनकी विवशता है, क्योंकि नए प्रकाशक के पास उत्तम कहानी और चित्रांकन तो है, परंतु प्रकाशित पुस्तकों के वितरण का उपयुक्त साधन नहीं है। उन्हें कॉमिक कान या फिर ऑनलाइन स्‍टोर्स पर निर्भर रहना पड़ता है। फिर उत्तम श्रेणी की कहानी, कला एवं रूप-सज्जा देने पर पुस्तक का मूल्य भी अधिक होता है। हिंदी में पाठकों की संख्या तो है, परंतु अधिक पैसे खर्च करके नए प्रकाशक की कॉमिक्‍स लेने वाले पाठक कम है। ऊपर से बिना देखे, ऑनलाइन खरीदने वाले तो और भी कम है। ऐसे में अँग्रेजी के पाठक तुलनात्मक रूप से अधिक हैं। यही कारण है कि आज हरेक प्रकाशक अँग्रेजी में ही अपनी कॉमिक्‍स प्रकाशित कर रहा है। भले ही कहानियाँ शुद्ध देशी है, पर भाषा विदेशी है। यह एक विडंबना है, जिसे आज प्रकाशक और हिंदी पढ़ने वाले पाठक, दोनों को झेलना पड़ता है।

ऐसा नहीं है कि हिंदी में कॉमिक्‍स एकदम प्रकाशित नहीं होती। राज कॉमिक्‍स आज भी हिंदी में कॉमिक प्रकाशित करते है। परंतु उनके किरदार पहले से स्थापित है। सुपर हीरो है। उनका पाठक वर्ग बना हुआ है। और सबसे बड़ी बात, उनके पास अपनी किताबों को हर जगह पहुँचाने की सुविधा भी है। पर बस एक ही प्रकाशक है, पाठकों के पास कोई और विकल्प नहीं है। भले ही नए प्रकाशक की पुस्तक बहुत ही उम्दा स्तर की हो, उसे पढ़ने कि इच्छा अँग्रेज़ी में पढ़ कर ही पूरी करनी पड़ती है।

Wednesday, 5 August 2015

The Ban Culture!

I am in favor of censorship in movies, television and any other medium which is exposed to kids. But the real reason behind that are kids, as they are not mature and we need to decide what they should and should not consume in the name of entertainment. I am not in favor of censorship for adults. Which means my support for censorship is only for ratings, to provide us detail on what to expect, and if that is suitable for kids. If we are mature enough to elect our government, how can the same government decide what we should or should not do? I am not interested in Porn, but I don’t regularly eat Beef as well. That does not mean it should be banned! Because I know, today it is Beef and Porn, tomorrow it would be something which will directly impact me!! I should not wait for that tomorrow to come, and protest now. 

I didn’t go out and search for beef in Mumbai, but I am sure I will find it for a premium price. Gutka or chewing tobacco is banned as well, but you go to almost any cigarette or pan shop asking for it, and you will get that. Similarly, smoking is banned at public place, but you just go to any open public place, and look around!! You will understand what I am trying to tell. Last night, I just tried accessing one of the banned site, and its working! Not directly, but a simple search in google will let you know various ways of accessing it instantly. The site itself is disgusting, but for those who like it, the site is still accessible.