Wednesday, 31 December 2014

PK – The story behind the story!

I have seen the movie, and saw various comments on social media as well as news for both in support as well as against this movie. One group is claiming that the movie is showing Hindu religion in bad light, whereas another group that it shows true color of people taking advantage in the name of religion. I think both are completely wrong, and they have not understood the movie. I would encourage them to watch the movie again, and if they go after reading this post, it will help them understand the true story of PK. 

God works in mysterious ways. God helps who trust God with the core of their heart. You can’t just perform some rituals and expect God to fulfill your wishes. You have to have faith in God. And your faith should not be selfish that if your wish is delayed, then you start questioning God. When you show true faith and devotion, God comes to you, show you the right path. Now all you have to do is walk on that path. This is exactly what PK story is all about. True faith and devotion towards God take the alien on his spiritual journey and God respond by showing him the right path. 

Tuesday, 30 December 2014

अलविदा....

"अपना ख्याल रखना।"
यही शब्द निकल पाए थे उसके मुख से। कहना तो वह बहुत कुछ चाहता था. परंतु वो सब बातें उसके हृदय में ही रह गयी। वह जनता था की शायद यह उनकी आख़िरी मुलाकात हो। परंतु हालात ऐसे हो चुके थे कि उनके मध्य अलगाव अवश्यंभावी हो चूका था। 

"तुम भी"
बस इतना ही कह पाई वह उत्तर में। उसके मन में भी ढेर सारी बातें घुमड़ रही थी। परंतु शायद दोनों के लिए हृदय से मुख का मार्ग बहुत दुर्गम हो चला था। उस मार्ग में उनके अहम ने कई रुकावटें पैदा कर दी थी। 

Monday, 29 December 2014

साई बाबा के दर्शन


पिछले दिनों मैं शिर्डी होकर आया. मेरे माता पिता यहाँ मुंबई आए हैं. उनको साथ लेकर हम सपरिवार शिर्डी गए थे. कार्यक्रम कुछ ऐसा बनाया की शनिवार सुबह निकालेंगे, रास्ते में नाशिक पड़ता है, वहाँ पर त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर, आगे शिर्डी जाएँगे. शिर्डी में हमने रात्रि विश्राम करने का सोचा था. फिर सुबह शनि सिग्नापुर होकर वापस मुंबई आने वाले थे. उम्मीद थी की इस तरह से दर्शन भी हो जाएँगे और अधिक भाग दौड़ भी नहीं होगी.